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देवभूमि उत्तराखंड के इस मंदिर में होती है दानव की पूजा

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देवभूमि उत्तराखण्ड सनातन काल से देवताओं, ऋषि, मुनियों के लिए रक्षित क्षेत्र रहा है। अपने अद्धभुत और प्राचीन मंदिरों के इतिहास से विश्व विख्यात उत्तराखंड में देवताओ के मंदिर है तो दानवों के मंदिर भी है। उत्तराखंड के गढ़वाल में एक मंदिर ऐसा भी है जहाँ दानव की पूजा की जाती है। ये राहू मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी जिले में स्थित थलीसैण ब्लॉक के गांव पैठाणी में स्थित है। मंदिर की मान्यता अनुसार पैठाणी के राहू मंदिर में सदियों से दानव की पूजा होती आ रही है। कहा जाता है कि पूरे भारत वर्ष में यहां राहू का एकमात्र प्राचीन मंदिर स्थापित है। यह मंदिर पूर्वी और पश्चिमी नयार नदियों के संगम पर स्थापित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन के दौरान राहू ने देवताओं का रूप धरकर छल से अमृतपान किया था तब भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शनचक्र से राहू का सिर धड़ से अलग कर दिया, ताकि वह अमर न हो जाए। माना जाता गई कि राहू का कटा सिर इसी स्थान पर गिरा था। कहा जाता है कि जहां पर राहू का कटा हुआ सिर गिरा था वहां पर एक मंदिर का निर्माण किया गया और भगवान शिव के साथ राहू की प्रतिमा की स्थापना की ...

गढ़पति गंगू रमोला और सैम मुखेम नागराजा पर आधारित नाटिका

संवेदना समूह की प्रस्तुति यह अद्धभुत प्रस्तुति गढ़वाली लोकगीतों और पवाडो में 12 सदी के गंगू रमोला और द्वापर में जन्मे भगवान् श्री कृष्ण की कथा पर आधारित है। संवेदना समहू की ...

इतिहास के पन्नों में गुमनाम एक महान नारी टिंचरी माई

जब भी बेटा ग़लत रास्ते पर चलता है तो उसे वहाँ से बाहर मां ही ला सकती है, ज़्यादातर माँ सिर्फ़ अपने बच्चे को बचाती हैं पर एक ऐसी भी माँ थी जिसकी संतान कभी बुरे रास्ते पर नही गयी प...

उत्तराखंड के इस देवीमंदिर की शक्ति ने किया वैज्ञानिकों को आश्चयचकित

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देवभूमि उत्तराखंड में हिन्दू धर्म के कई प्राचीन मंदिर विध्यमान है जिनका अपना पौराणिक इतिहास है। कई मंदिरो की अपनी ही विशेषता है तो कई के चमत्कार आज भी यदाकदा देखने सुनने को मिल जाते है। हिमालय की तलहटी से हिमालय के शिखर तक बसा उत्तराखंड अपने अद्धभुत और प्रचीन मंदिरो के नाम से जग विख्यात है। उत्तराखंड के कुमायूं मंड़ल के एक मंदिर ने अपनी अद्धभुत शक्ति के कारण और रहस्य के विश्वभर के वैज्ञानिकों की नींद उड़ा रखी है। कुमायूं मंडल के अल्मोड़ा जिले में स्थित माँ कसारदेवी मंदिर की असीम शक्ति से NASA के वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित हैं। NASA के वैज्ञानिक चुम्बकीय रूप से इस स्थान के चार्ज होने के कारणों और प्रभावों पर शोध कर रहे हैं। वहीँ पर्यावरणविद डॉक्टर अजय रावत ने भी लंबे समय तक इस पर शोध किया है। अजय रावत के अनुसार, कसारदेवी मंदिर के आसपास वाला पूरा क्षेत्र वैन एलेन बेल्ट है, जहां धरती के भीतर विशाल भू- चुंबकीय पिंड है। इस पिंड में विद्युतीय चार्ज कणों की परत होती है जिसे रेडिएशन भी कह सकते हैं। गत दो वर्षो से NASA के वैज्ञानिक इस बैल्ट के बनने के कारणों को जानने ...

ज्ञान और विज्ञान

ज्ञान और विज्ञान दोनों अपने अपने तरीके से मानव के मष्तिष्क को अपने कंट्रोल में करना चाहते है। विज्ञान के पास यंत्र है। इन यंत्रो से विज्ञान ने मानव को बहुत से कामो के लिए म...

घरजवें गढ़वाली फिल्म

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अपनी भाषा में बनी कुछ ही फ़िल्में है जो आज भी अपने बेहतर अभिनय पठकथा गीत संगीत के लिए प्रसिद्ध हैl घरजवें भी गढ़वाली फिल्मों में अपना एक स्थान रखती हैl काफी समय पहले यह फिल्म मैंने देखी थीl लेकिन पिछले छः साल से कई स्थानों पर इस फिल्म की कॉपी मांगी तो नही मिली l एक दिन अचानक ही मुझे यह फिल्म मेरे एक मित्र के लेपटोप में मिल गयीl लगा जेसे कोई कुबेर का खजाना मिल गया होl  जब देश में रह कर जब हमको ही यह फिल्म सुलभता से नही मिल रही तो हमरे उन गड्वाली भाई और बहने को यह केसे मिल सकती सकती यह सोचते हुए ही मैंने गढ़वाली फिल्म के इतिहास में एक विशिष्ठ स्थान को प्राप्त इस फिल्म को youtube में डाल दिया हैl  तो आनंद ले गढ़वाली फिल्म घरजवें का  जय बद्री जय केदार                                                                            भाग 1   भाग 2    ...

एक कविता द्वारा उत्तराखंड की जानकारी

हलाकि मूल रचना हुतात्मा महारानी लक्ष्मी बाई को श्रद्धांजलि थी पर प्रदेश की जानकारी को देने के जिसने भी इस रुपातरण उनको नमन ================= आओ बच्चों देखो झांकी अपने उत्तराखंड की। इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी। जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड। (1) ये देखो अल्मोड़ा यहाँ कितनी सुंदर हरियाली है सबको है आकर्षित करती धरती ये मतवाली है। दूर दूर तक दृश्य विहंगम बदरा काली काली है। सबसे प्यारी नैना देवी झाँकी यहाँ निराली है। जागेश्वर मंदिर में बजते घंटे सुबह औ शाम जी। इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी। जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड। (2) बागेश्वर को देखो यहाँ कितना सुंदर विस्तार है सुंदरता में इसकी महिमा चारों ओर अपार है धरती से आकाश चूमते बाँज बुराँस का प्यार है सचमुच में ये पावन धरती स्वर्ग का अवतार है मन को ठंडक मिलती है जब लेते इसका नाम जी, इस मिट्टी को झुककर चूमो शत् शत् करो प्रणाम भी। जय हो उत्तराखंड, जय हो उत्तराखंड। (3) चमोली को शोभित करता बद्रीनाथ का धाम है। गोपेश्वर भी है यहाँ पर हेमकुंड भी साथ है औली में है बर्फ चमकत...