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देवप्रयाग- जहाँ पूर्ण होती है गंगा जी

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देवप्रयाग एक छोटा सा स्थान है जो बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित है| हाजारो वर्षो से श्रद्धा का केन्द्र रहा देवप्रयाग अलकनंदा वा भागीरथी गंगा के संगम में स्थित है| गढ़वाल के पञ्च पवित्र प्रयागों में देवप्रयाग प्रथम प्रयाग है| ऋषिकेश से मात्र 70 किमी की दुरी में है| पौराणिक इतिहास के अनुसार महाराज सागर के वंशज महात्मा भागीरथ ने गंगा जी को स्वर्ग से धरती में लाने के लिए भीषण तप किया जिससे प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को अपने कमंडल से छोड़ा गंगा जी के अति वेग को संभालने हेतु अदि देव महादेव शिव ने अपनी जटाओं में गंगा जी को बंधा जिस कारण गंगा जी कई धाराओं में बंट गयी| यह सभी धाराएँ भागीरथी और अलकनंदा में विलीन होते हुए देवप्रयाग में आकर मिलती है यहीं से यह गंगा कहलाती है|  मान्यता अनुसार महात्मा भागीरथ जब गंगोत्री से गंगा की धारा के आगे चलते हुए देवप्रयाग पहुचे तो सभी 33 करोड़ देवी-देवता गंगा जी के स्वागत हेतु यहाँ उपस्थित हुए|  जनश्रुति के अनुसार देव शर्मा नामक ब्राहमण के द्धारा कठिन तप करने के कारण इस स्थान का नाम देवप्रयाग पड़ा| केदारखंड के अनुसार "विश्वेश्...

उत्तराखंड गौरव-जसवंत सिंह रावत एक अमर योद्धा

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देवताओं, ऋषियों, प्राचीन मंदिरों, प्राकृतिक सुन्दरता तथा गंगा-यमुना के जन्मस्थल के रूप में विश्वविख्यात उत्तराखंड वीरो की भूमि भी है| इस धरती ने ऐसे असंख्य वीरो को जन्म दिया है जिनके सुरवीरता की प्रशंशा मित्रो ने ही नही शत्रु ने भी की है| एक ऐसे ही परमवीर का नाम है जसवंत सिंह रावत....... 19 अगस्त 1941 को उत्तराखंड के पोड़ी गढ़वाल के बरयुन ( Baryun) गावं में गुमान सिंह के घर में जन्मे एक बालक ने आगे चल कर वीरता का ऐसा इतिहास लिखा जिसकी पुनावर्ती संभव नही| वीर सैनिको कि बाट जब भी आती है तो मात्र उत्तराखंड ही नही हर भारतवासी बड़ी श्रृद्धा से जसवंत सिंह का नाम लेता है| कहने को तो 17 नवम्बर 1962 को भारत-चीन युद्ध में अदम्य साहस दिखाते हुए जसवंत सिंह रावत ने 22 वर्ष की आयु में शरीर छोड़ दिया लेकिन रावत जी की आत्मा आज भी एक सजग प्रहरी के रूप में भारत की सीमा की रक्षा कर रही है| सेना आज भी रावत जी के आगे स्वर्गीय नही लिखती| बायीं और दुसरे नंबर पर जसवंत सिंह रावत रायफलमेन जसवंत सिंह रावत सेना में आज भी कार्यरत है और अब वो मेजर जरनल रैंक के अधिकारी बन चुके है|  आज भी पांच सैनिक अपने...