Posts

Showing posts with the label Badrinath

देवप्रयाग- जहाँ पूर्ण होती है गंगा जी

Image
देवप्रयाग एक छोटा सा स्थान है जो बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित है| हाजारो वर्षो से श्रद्धा का केन्द्र रहा देवप्रयाग अलकनंदा वा भागीरथी गंगा के संगम में स्थित है| गढ़वाल के पञ्च पवित्र प्रयागों में देवप्रयाग प्रथम प्रयाग है| ऋषिकेश से मात्र 70 किमी की दुरी में है| पौराणिक इतिहास के अनुसार महाराज सागर के वंशज महात्मा भागीरथ ने गंगा जी को स्वर्ग से धरती में लाने के लिए भीषण तप किया जिससे प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को अपने कमंडल से छोड़ा गंगा जी के अति वेग को संभालने हेतु अदि देव महादेव शिव ने अपनी जटाओं में गंगा जी को बंधा जिस कारण गंगा जी कई धाराओं में बंट गयी| यह सभी धाराएँ भागीरथी और अलकनंदा में विलीन होते हुए देवप्रयाग में आकर मिलती है यहीं से यह गंगा कहलाती है|  मान्यता अनुसार महात्मा भागीरथ जब गंगोत्री से गंगा की धारा के आगे चलते हुए देवप्रयाग पहुचे तो सभी 33 करोड़ देवी-देवता गंगा जी के स्वागत हेतु यहाँ उपस्थित हुए|  जनश्रुति के अनुसार देव शर्मा नामक ब्राहमण के द्धारा कठिन तप करने के कारण इस स्थान का नाम देवप्रयाग पड़ा| केदारखंड के अनुसार "विश्वेश्...

बद्रीनाथ धाम के रक्षक क्षेत्रपाल श्री घंटाकर्ण की कथा

Image
श्री घंटाकर्ण की उत्त्पति के बारे में कई लोककथा, पोराणिक प्रमाण एवम् जनश्रुतियां है| श्री घंटाकर्ण को महादेव शिव के भैरव अवतार से एक माना जाता है| श्री घंटाकर्ण को हिंदुत्व के साथ-साथ जैन, बोद्ध मत में भी एक लोक हितकारी देवता माना जाता है| उत्तराखंड के गढ़वाल प्रभाग में टिहरी, पोड़ी, और बद्रीनाथ में श्री घंटाकर्ण को क्षेत्रपाल देवता माना है| श्री घंटाकर्ण को कोणार्क के विश्वप्रसिद्ध सूर्य मंदिर के पत्थरों पर भी नाव में नृत्य करते हुए भैरवों की प्रतिमा उत्कीर्ण किया गया है| घंटाकर्ण की एक प्रतिमा शांत भाव में है और एक रौद्र रूप में है|                       श्री घंटाकर्ण मंदिर लोस्तु बडियार गढ़ आसाम की शक्तिपीठ माँ कामख्या मंदिर के निकट श्री घंटाकर्ण का मंदिर है| रविन्द्रनाथ टैगोर की एक कथा में श्री घंटाकर्ण का उल्लेख मिलाता है|   गढ़वाल में घंटाकर्ण को ऐश्वर्य और सुख सम्पत्ति को देने वाला महान शक्तिशाली और पर्चाधारी देवता माना जाता है| बदरीनाथ में घंटाकर्ण का मंदिर है तथा उसे देवदर्शनी (देव देखनी) कहते ह...